साइकिल आयी अखिलेश के पाले में, मुलायम का आरोप अखिलेश ने मुसलमानो को किया नज़रअंदाज़

लखनऊ: समाजवादी पार्टी में सियासी घमासान अब रुक सकता है! चुनाव आयोग ने अपना फ़ैसला सुनते हुए अखिलेश यादव को पार्टी का अध्यक्ष मन लिया है! चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव को साइकिल चुनाव चिन्ह भी दे दिया है! अब अखिलेश यादव ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं! और साइकिल पर पूरा अधिकार अखिलेश यादव का है! राजनीति का धुरंदर माने जाने वाले मुलायम सिंह यादव को उनके ही बेटे अखिलेश यादव ने बड़ी मात दी है!

समाजवादी पार्टी में जारी घमासान के बीच सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का बड़ा बयान सामने आया है । उन्होंने अपने बेटे और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मुस्लिम विरोधी करार देते हुए कहा कि अखिलेश ने मुसलमानो को नज़रअंदाज किया है । दोपहर में पार्टी दफ्तर पहुंचे मुलायम सिंह ने कार्यर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अखिलेश ने उन्‍होंने मुस्लिमों की अनदेखी की है। वो मुस्लिम डीजीपी के खिलाफ था। वो मेरी बात नहीं सुनता। मैंने अखिलेश को तीन बार मिलने के लिए बुलाया ले‍क‍िन वो एक मिनट के लिए मिलने आए और चले गए।
इस बीच सपा कार्यालय पर अखिलेश यादव की नेमप्लेट भी लगा दी गयी है । अखिलेश समर्थको ने “अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष” की तख्ती समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर लगा दी । वहीँ मुलायम सिंह यादव के नाम वाली नेम प्लेट अभी भी लगी हुई है ।

चुनाव चिन्ह के आवंटन को लेकर चुनाव आयोग के फैसले को लेकर उन्‍होंने साफ कहा कि जो भी फैसला आएगा उसे हम मानेंगे। अगर साइकिल चुनाव चिन्‍ह उनसे छीन लिया जाता है तो वो किसी दूसरे चिन्‍ह पर चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि आज शाम 4 बजे चुनाव आयोग सपा के इस सग्राम पर फैसला सुना सकता है। हालांकि मुलायम और अखिलेश गुट अपनी दावेदारी मजबूत मान रहे हैं लेकिन इसकी खासी आशंका है कि साइकिल का चुनाव चिह्न फ्रीज हो जाए। मंगलवार से उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। अखिलेश और मुलायम गुट के उम्मीदवार तो तय हैं लेकिन उन्हें अब तक यही नहीं पता कि वोट मांगेगे तो किस चिह्न पर।

हालांकि दोनों गुटों ने प्लान बी भी तैयार कर लिया है। साइकिल फ्रीज होने की दशा में पेड़ और खेत जोतता किसान जैसे चिह्न पर चर्चा हो चुकी है। लेकिन यह भी तय है कि नए चुनाव चिह्न के साथ उतरना शायद ही किसी को रास आए।

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