शाहरुख़ की ‘रईस’ ने बनाया एक माफिया को हीरो, अब किस माफिया को बॉलीवुड बनाएगा हीरो…

शाहरुख खान की फिल्म रईस को गुजरात के शराब माफिया और आतंकवादी अब्दुल लतीफ के जीवन पर आधारित है। फिल्म में शाहरुख ने अब्दुल लतीफ की भूमिका निभायी है। बेशक खुद खान और फिल्म के निर्देशक राहुल ढोलकिया ने इससे इनकार किया है।
मगर शाहरुख द्वारा फिल्म में पहने चश्मे का फ्रेम तक अब्दुल लतीफ की रियल लाइफ से लिया गया है, तो निर्देशक साहब का झूठ भी बेपर्दा हो जाता है। 1980 के दशक में अहमदाबाद में कई बार हिन्दू मुस्लिम दंगे हुए। इन दंगों के बीच मुसलमानों को नेता मिला जिसका नाम था अब्दुल लतीफ, पेशे से शराब माफिया, जिसे लेकर आज शाहरुख खान फिल्म बनाने जा रहा है। असामाजिक गतिविधियों के आरोप में जेल में बंद लतीफ ने इसके बाद ही सिर्फ 5 सीटों पर नगरपालिका चुनाव लड़ा बल्कि मुसलमानों के एक साथ मजबूत वोट बैंक के आधार पर जीत हासिल की। इसके बाद गुजरात में हुई ढेरों हिन्दुओं की हत्याओं में वांछित और मुंबई बम धमाकों में अभियुक्त लतीफ 1992 में दुबई के रास्ते पाकिस्तान भाग गया था। किसी घटनाक्रम को अंजाम देने 1995 में वो भारत वापस आ गया। मगर नवंबर 1995 में गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वायड ने लतीफ को पुरानी दिल्ली के एक पीसीओ बूथ से गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद लतीफ करीब दो साल तक साबरमती जेल में रहा। फिर नवंबर 1997 में खबर मिली कि लतीफ ने भागने की कोशिश की और पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। ये तो थी कहानी एक हिन्दू हत्यारे, शराब माफिया एवं आतंकी अब्दुल लतीफ की, जिसे पहले भारत के कानून ने चुनाव लड़ने तक का अधिकार दिया और अब शाहरुख खान जैसे पाकिस्तान परस्त अभिनेता एक नायक की तरह पेश कर रहे हैं। जहाँ भारत में 20 साल से कहीं ज्यादा के परिश्रम से बनी एक संस्कृत फिल्म को साम्प्रदायिक कह कर रोक दिया जाता है, वहीं आतंकी दाउद और अब्दुल लतीफ को नायक के तौर पर दिखाने पर भी किसी को ऐतराज नहीं होता।

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