लग रहा है यूपी में मुसलमानो का रुझान अखिलेश की ओर है….आप क्या कहते हैं?

बसपा प्रमुख मायावती मुस्लिम वोटों को रिझाने की भरपूर कोशिश में जुटी हैं। वो जानती हैं कि उत्तर में 18 फीसदी वोट सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका अदा करता है। मायावती बार-बार कह रही हैं कि यदि भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है तो मुसलमान बसपा को वोट करें। लेकिन मुसलमान खामोश है।
वो देख रहा है कि चुनावी अखाड़े में भाजपा को कौन पटकनी लगाएगा। उसी को मुसलिम वोट थोक में पड़ेगा। फिलहाल मायावती अखिलेश सरकार और दिल्ली में मोदी की सरकार की खामियां गिनाने में लगी हैं। एक कहावत है.. जो गर्जते हैं वो बरसते नहीं। आसार दिख रहे हैं कि मुस्लिम वोट अखिलेश के साथ जाए। दशकों बाद उत्तर प्रदेश में पहली बार कांग्रेस में जान पड़ती दिख रही है। सपा से गठजोड़ कर कांग्रेस को फायदा होता दिख रहा है। मायावती ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र की नीति से लोग परेशान हैं और दादरी जैसी घटनाओं ने बीजेपी की पोल खोल दी है। साथ ही उन्होंने मुस्लिमों से अपील की कि वे सपा के लिए अपना वोट बर्बाद न करें, अपना वोट बसपा को दें ताकि भाजपा को हाराया जा सके। सपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के दागी चेहरों को सबके सामने उजागर होना चाहिए। बाप-बेटे बस अपनी ही राजनीति में फंसे हुए हैं। मुद्दों से भटकाने के लिए अखिलेश और मुलायम ने यह घमसान का ड्रामा रचा है।
सपा में मचे घमासान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आखिर सपा को कांग्रेस के साथ की जरूरत पड़ गई। अखिलेश के कार्यकाल में कानून व्यवस्था बिलकुल ठप हो गई है। यूपी में अब तक 500 दंगे हुए हैं। अखिलेश को अच्छे उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में लगता है अब अखिलेश ही कांग्रेस का चेहरा बनेंगे। आरक्षण पर मायावती ने बीजेपी और आरएसएस पर हमला किया और कहा कि जनता ही इन दोनों पार्टियों को सबक सीखाएगी। मायावती ने शनिवार को यहां प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, `सपा के 5 साल के और मोदी के ढाई साल के कार्यकाल के दौरान दोनों ही सरकारों ने गरीबों,
दलितों, पिछड़ों और किसान विरोधी नीतियों को अपनाने का काम किया है। केंद्र सरकार आरक्षण खत्म करने पर आमादा है। इससे प्रदेश की 22 करोड़ जनता में गुस्‍सा है। यही वजह है कि बीजेपी यूपी में अपना सीएम कैंडिडेट का एलान नहीं कर पा रही। जनता उन्हें सबक सिखाएगी।` मायावती ने कहा, "प्रदेश की सपा सरकार में शुरू से ही अराजक, अपराधी और भ्रष्‍ट वाली हुकूमत रही है। अब तक प्रदेश में 500 छोटे-बड़े दंगे हुए हैं।" "कांग्रेस ने पहले शीला दीक्षित को सीएम कैंडिडेट के रूप में पेश किया, लेकिन सपा से गठबंधन करने के लिए अखिलेश यादव जो एक दागी चेहरा है, उस पर हामी भर दी।" "ये तो जाहिर है कि बिहार में नीतीश कुमार ने कांग्रेस की नैय्या को पार लगा दिया था, लेकिन अब ये सवाल उठने लगा है कि प्रदेश की जनता को इन सरकारों को क्‍या जवाब देगी।" "अखिलेश बीजेपी नेताओं को बचाने का दोषी है। इसीलिए वो आरोपी फिर चुनाव में उतर रहे हैं। यूपी की जनता को इनकी आंख खोलनी चाहिए।"
"बसपा को रोकने के लिए विरोधी पार्टियां मिलीभगत कर चुनाव लड़ना चाहती हैं।" बता दें कि मुलायम के करीबी माने जाने वाले अंबिका चौधरी ने बीएसपी ज्वाइन कर ली। जनता सिखाएगी सबक मायावती ने कहा, "5 साल से त्रस्‍त प्रदेश की जनता को सपा को वोट नहीं देना चाहिए। सपा के पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह के चलते शिवपाल यादव बलि का बकरा बन गए।" "शिवपाल को जनता की नजरों में पूरी तरह से गिराने की कोशिश की गई है। जनता अखिलेश खेमे को सबक सिखाएगी। इनका बेस वोट भी दो खेमों में बंटकर रह जाएगा।" "सपा को जो वोट देता है, उसका वोट खराब होगा और इसका फायदा बीजेपी को पहुंचेगा। बीजेपी को रोकने के लिए अल्‍पसंख्‍यकों को बसपा को वोट देना चाहिए। बसपा का वोट इधर-उधर जाने वाला नहीं है।" (लेखक: अनवर चौहान,crimeindiaonline.com)

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