ये हैं वो 9 मुसलमान जिन्होंने 2016 में पूरी दुनिया में अपना परचम फहराया….

आज हम आपको उन 9 मुसलमानो के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने में पूरी दुनिया 2016 में अपना और अपने देश का नाम रोशन किया. आइये जानते हैं…

1.रमी अनीस

इस सीरियाई तैरान ने रियो डी जनेरियो में 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में छोटी सी रिफ्यूजी ओलिंपिक टीम का प्रतिनिधित्व किया और 100 मीटर फ्रीस्टाइल में अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड को तोड़ दिया। वह हमेशा से एक बेहतरीन तैराक थे और उनका 2012 ओलिंपिक में सीरिया की टीम में शामिल होना लगभग तय था. लेकिन 2011 में सीरिया में गृह युद्ध शुरू हो जाने के कारण उन्हें सीरिया छोड़ कर टर्की में अपने भाई के पास जाना पड़ा. अलेप्पो के रहने वाले रमी अनीस इस बात से अनजान थे कि वे जल्द वापस नहीं लौट पायेंगे, इसलिए वे सिर्फ एक हफ्ते के लायक कपड़े लेकर ही अपने भाई के पास गए. लेकिन वहां उन्हें चार साल रहना पड़ा जिसके बाद उन्होंने बेल्जियम में शरण ली. वे कहते हैं, “मुझे उम्मीद है कि मैं 2020 ओलिंपिक में अपने देश के झंडे के नीचे तैराकी करूँगा.”

2.रिज़ अहमद

ब्रिटिश अभिनेता और रैपर ने द फोर लायंस और द रोड टू ग्वांतानामो जैसी स्वतंत्र फिल्मों में अभिनय से पहले ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से राजनीति, दर्शन और अर्थशास्त्र में स्नातक किया है।
हाल ही में, आपने उन्हें रोग वन नाम फिल्म में अभिनय करते हुए देखा होगा. लोगों की नज़रों में उनकी उपस्तिथि ने उन्हें एअरपोर्ट पर होने वाली नस्लीय प्रोफाइलिंग और एक अल्पसंख्यक अभिनेता के रूप में अपने अनुभव लोगों के साथ साझा करने का मौका दिया है. उन्होंने एक मुस्लिम अभिनेता के तौर पर उन्होंने कई साक्षात्कारों के ज़रिये मुसलमानों के अनुभवों पर होने वाले विचार विमर्श में काफी योगदान दिया है.

3.वाइट हेल्मेट्स

वाइट हेल्मेट्स जिन्हें सीरियाई सिविल डिफेंस के नाम से भी जाना जाता है, ये वो वालंटियर हैं जो सीरिया के विरोधी गुटों के कब्ज़े वाले इलाकों में राहत कार्य करते हैं. उन्होंने बम विस्फोटों की जगह से मलबे में दबे लोगों को निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के काम में अपनी जान की बाज़ी लगा दी है. उन्हें अक्सर अपने बचाव कार्यों और राहत अभियानों की वजह से निशाना बनाया जाता है.

4.अब्दुल्लाह हम्मुद

इस साल, अब्दुल्ला हम्मुद डेअर्बोर्न, मिशिगन में प्रतिनिधियों की राज्य सभा में एक सीट जीतने वाले पहले अरब अमेरिकी मुस्लिम बने। शुरूआती अभियान के दौरान उन्हें एक मुस्लिम होने की वजह से समुदाय के सदस्यों से भेदभाव का सामना करना पड़ा। जब उनकी उम्मीदवारी का पहला घोषणापत्र भेजा गया तब वह फटा हुआ वापस आया और उसके साथ एक नोट था जिसमें लिखा था: “न अरब, न मुसलमान। अपने देश वापस जाओ।” हालांकि, 26 साल की उम्र में अब्दुल्लाह ने स्वास्थ्य, पर्यावरण, शिक्षा और परिवहन को आधार बना कर मजबूत प्रचार किया और जीत हासिल की।

5.सादिक खान

सादिक खान, एक ब्रिटिश पाकिस्तानी, इस साल लंदन के पहले मुस्लिम मेयर बने। वे एक मध्यम वर्गीय परिवार से हैं और परिषद् के फ्लैट में रहा करते थे. वे अपने माता-पिता की कड़ी मेहनत को याद करते हुए कहते हैं कि उनके पिता एक बस ड्राईवर थे और उनकी माँ एक महिला दर्जी की तरह काम करती थी. विश्वविद्यालय में उन्होंने कानून का अध्ययन किया और मानव अधिकारों के क्षेत्र में विशेषज्ञता के साथ एक वकील के रूप में काम किया। सादिक ने 1994 में लेबर पार्टी की सदस्यता ली थी और अब वह लन्दन के पहले जातीय अल्पसंख्यक मेयर हैं. वे लन्दन के सार्वजनिक परिवहन में सुधार के लिए कदम उठा चुके हैं और साथ ही उनका ध्यान लन्दन में रहने वाले समुदायों की एकजुटता पर भी ध्यान दे रहे हैं.

6.मुहम्मद फराह

नौ वैश्विक खिताब के साथ, सर मोहम्मद मुख्तार जामा फराह आधुनिक ओलंपिक खेलों के इतिहास में सबसे सफल ब्रिटिश ट्रैक एथलीट है। 5,000 और 10,000 मीटर दोड़ दोनों में फराह 2012 और 2016 के ओलंपिक खेलों में स्वर्ण ओलंपिक पदक विजेता थे। फराह का सबसे यादगार पर वह है जब वे 10,000 मीटर दोड़ में बीच में गिर गए लेकिन इसके बावजूद उन्होंने आखरी 100 मीटर में बेहतरीन काबिलियत का परिचय देते हुए जीत हासिल की. फराह को एथलेटिक्स में सेवाओं के लिए 2017 नए साल ऑनर्स में नाइट की उपाधि दी गई है।

7.हमदी उलुकाया

हमदी उलुकाया एक कुर्दिश व्यापारी हैं जिन्होंने चोबानी, एक बेहतरीन और खूब बिकने वाली यूनानी शैली की दही के उद्योग की स्थापना की. 2005 में उन्होंने अपस्टेट न्यूयॉर्क, जो अपने डेयरी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है वहां एक पुराना दही कारखाने को खरीदने का जोखिम लिया. व्यवसाय में बिना किसी पूर्व अनुभव के, उन्होंने कई राज्यों में कारखानों के साथ एक दही साम्राज्य बनाया लिया है। अपनी शुरुआत के सिर्फ पांच साल बाद ही इसकी सालाना बिक्री एक बिलियन आंकी गयी थी. 2016 में उलुकाया ने घोषणा की थी कि वे अपनी कम्पनी के 10% शेयर अपने कर्मचारियों को दे रहे हैं.

8.मेहदी हसन

ज्यादातर अल जजीरा अंग्रेजी के प्रेजेंटर के रूप में पहचाने जाने वाले मेहदी हसन एक ब्रिटिश राजनीतिक पत्रकार, प्रसारक और लेखक हैं। वे हफिंगटन पोस्ट के ब्रिटेन संस्करण के राजनीतिक संपादक है और एड मिलिबैंड की जीवनी के सह लेख़क भी हैं। इस साल उन्होंने अमेरिकी चुनाव में मुस्लिम विरोधी प्रोपगंडा से निबटने में काफी मदद की है.

9.डेव चैपल

डेव एक अफ्रीकी-अमेरिकी मुस्लिम हैं, डोनाल्ड ट्रम्प के निर्वाचित होने के बाद उन्होंने सैटरडे नाईट लाइव के पहले शो की मेजबानी की थी। उन्होंने ट्रम्प की जीत पर एक महत्वपूर्ण भाषण देते हुए कहा: “मैं उसे एक मौका देता हूँ और हम, ऐतिहासिक रूप से बेदखल, चाहते हैं कि वह भी हमें एक मौका दे”. आगे उन्होंने मज़ाक के लहजे में कहा कि आखिर अमेरिका ने एक इन्टरनेट ट्रोल को राष्ट्रपति बना ही दिया. डेव ने यह स्पष्ट किया कि ट्रम्प की जीत के बावजूद, अमेरिका के लोगों को ट्रम्प को उसकी कट्टरता और यौनिकता के लिए खुली छूट नहीं देनी चाहिए.

(Source: muslimissues.com)