ये पांच घाव जिनको मुसलमान कभी नहीं भूल पाएंगे, मिले है अखिलेश राज़ में

अखिलेश सरकार उत्तर प्रदेश में से सत्ता में है, साथ ही इनके राज़ में कुछ अच्छे और साथ ही कुछ बुरे काम भी हुए है. लेकिन मुसलमानो को पांच ऐसे बड़े घाव मिले हैं, जिनको मुसलमान कभी नहीं भुला सकते हैं. आज हम आपको उन पांच घावों के बारे में बता रहे हैं….

1.मुसलमानों को उनकी जनसँख्या के आधार पर आरक्षण देने की बात करने वाली पार्टी ने अपने पांच साल के कार्यकाल में एक बार भी मुस्लिम आरक्षण देने की कोशिश नहीं की! हालाँकि समाजवादी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में सच्चर समिति और रंगनाथ मिश्र समिति की सिफारिशों को लागु करने की बात भी कही थी!

2. डीएसपी ज़िआउल हक़ की हत्या का मामला किसी से छिपा नहीं है! जब समाजवादी पार्टी सरकार में केंद्रीय मंत्री रघुराज प्रताप सिंह “राजा भय्या” के क्षेत्र कुंडा में एक मुस्लिम अधिकारी को मौत के घाट उतार दिया गया! विवाद होने पर मंत्री को पद से तो हटाया गया लेकिन बाद में फिर से मंत्री बना दिया गया! राजा भय्या अखिलेश यादव के करीबी माने जाते है!

3.उत्तर प्रदेश के दादरी में अख़लाक़ को महज़ इस अफवाह के चलते मौत के घाट उतार दिया गया कि उसके घर में गाय का गोश्त है! हत्यारों ने अख़लाक़ को घर से निकालकर इतना पीटा कि उसकी जान ही चली गयी! अख़लाक़ का बेटा भी इस घटना में मरने से बचा और ICU में भर्ती किया गया! लेकिन हद तो तब हो गयी जब दोषियों को सजा के बजाये अख़लाक़ के परिवार पर भी FIR दर्ज कर दी गयी!

4. अखिलेश राज में ही एक मामला ऐसा हुआ जब मुजाहिद खालिद नाम के एक मुस्लिम नौजवान को जेल के अंदर ही मौत के घाट उतार दिया गया! बेक़सूर मुसलमानों को जेल से निकालने के नाम पर वोट मांगने वाली समाजवादी पार्टी के दौर में बेक़सूर मुजाहिद की जेल में ही हत्या कर दी गयी!

5.समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के एक साल बाद ही मुज़फ्फरनगर में मुसलमानों को दंगे का शिकार होना पड़ा था! इस दंगे में सैकड़ों लोग की मौत हुई और हज़ारों को बेघर होना पड़ा था! सैकड़ों माँ बहनों की इज़्ज़त भी लूटी गयी लेकिन सपा सरकार इतना सब कुछ होने के बावजूद सैफ़ई महोत्सव का आनंद लेने में लगी हुई थी!