ये घरेलू नुस्खे रखेंगे आपको हमेशा जवान

छोटी सी उम्र से लेकर बुढ़ापे तक की उम्र तक हर कोई खुद को सुंदर दिखाना चाहता है। मगर उसके लिए हम बाजार के प्रोडक्ट्स की बजाय आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे अपनाएंगे तो ज्यादा बेहतर होगा। बता दें कि बाजार में आने वाले प्रोडक्ट्स आपकी त्वचा का सुधार करने की बजाय सत्यानाश कर सकते हैं। त्वचा को सुंदर बनाने के लिए और हमेशा जवान दिखते रहने के लिए घरेलू नुस्खे अपनाएं।
प्रति दिन नींबू हल्दी वाला गुनगुना पानी पीते रहने मात्र से ही आपकी त्वचा निखर जाएगी। बता दें कि नींबू हल्दी वाला यह पानी पीने से इस पानी में मौज़ूद तत्व फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। अत: इसका सेवन करने से आपकी स्किन पर बढ़ती उम्र का प्रभाव नही पड़ता हैं। जिस कारण आप हमेशा जवान दिख सकते हैं। नींबू हल्दी वाला गुनगुना पानी पीने के और भी ढेरों लाभ हैं। यह पानी पीने से खून नही जमता हैं और खून की धमनियो में किसी भी तरह की कोई रूकावट नही होती हैं।
यह पीने कैंसर की बीमारी में भी लाभकारी हैं। क्योंकि इसमें करक्यूमिन नाम का एंटीऑक्सीडेंट होता हैं, जो कैंसर पैदा करने वाले सेल्स से लड़ने में सहायता करता हैं। ये पानी पीने से शरीर में ब्लड सर्क्युलेशन सही तरह से होता हैं एवं खून साफ़ करने में भी मदद मिलती हैं। इसमें पाए जाने वाला करक्यूमिन आर्थराइटिस या जोड़ो के दर्द को भी दूर करने में सहायक है। बल्कि यह दर्द निवारक दवाईओं से भी बेहतर तरह से काम करता हैं। शरीर के किसी भी हिस्से सूजन या कितनी भी ज़्यादा सूजन क्यों ना हो यह नींबू हल्दी वाले पानी में मिलने वाला करक्यूमिन लाभदायक हैं।
शरीर की चर्बी को कम करने के लिए गर्म पानी में नींबू हल्दी के साथ शहद भी मिला कर पीजिए। यह मिश्रण आपके शरीर से ज़हरीले तत्वो को बाहर निकालने में बहुत मदद करता हैं, जिस कारण मोटापे को बड़ी ही आसानी के साथ कम किया जा सकता हैं। यह पानी दिमागी बिमारियों डेमेंटिया और अल्जाइमर में भी फलदायक है। बल्कि यह स्वस्थ मष्तिक के लिए एक अच्छा पेय माना गया हैं। यह पानी खराब हो चुके लिवर सेल्स को दुबारा से ठीक करने में मदद करता हैं। अत: पित्तासय के काम को ठीक करने में सहायक है। माना जाता है कि हल्दी के सेवन से पित्त ज़्यादा बनता हैं, जिस वजह से खाने को जल्दी हजम करने में सहायता मिलती हैं। साथ ही नींबू को पाचन तंत्र के लिए काफ़ी फायदेमंद माना गया हैं। इस कारण हल्दी के नियमित सेवन से ग्लूकोज का लेवल भी कम हो जाता है।