यह बने मस्जिद से पढ़कर IAS, आप भी पढ़ें इनकी दास्तान

सोशल मीडिया पर एक ऐसे IAS की कहानी वायरल हो रही है। जो मस्जिद के मदरसे में पढ़कर देश के सबसे उच्च टेस्ट यूपीएससी को पहली बार में पास करके भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हो गया हो।इस IAS का नाम है मोहम्मद अशरफ जो 1032 रैंक लाकर अफसर बना।

हालांकि यह बात करीब तीन साल पुरानी है। मोहम्मद अशरफ ने यह परीक्षा साल 2014 में पास की थी। 13 जून 2014 को देश की सारी मीडिया में यही सुर्खिया बनी थी कि, मस्जिद में पढ़कर मोहम्मद अशरफ IAS बना। दरअसल तमिलनाडु के चैन्नई में अज़हागिया कदन आईएएस अकेडमी 2011 से संचलित है। इसकी शुरूआत मक्का मस्जिद में अन्ना सलाई ने की थी। इसके बाद मस्जिद के इमाम मौलाना शमशुद्दीन कासमी ने अकेडमी को आगे बढ़ाया।

साल 2012 में एक हजार से ज्यादा फार्म आए लेकिन सिर्फ 28 लोगों को चुना गया। जिसमें मोहम्मद अशरफ एक थे। अशरफ ने साल 2011 में अन्ना यूनिवर्सिटी से इंजिनियरिंग की पढ़ाई पूरी की । जिसके बाद 28 हजार की नौकरी चैन्नई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में की। लेकिन आईएएस बनने के ड्रीम ने नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर दिया। साल 2012 में अज़हागिया एकेडमी में शामिल हुए। जिसके बाद पहले ही टेस्ट में आईएएस बन गए।

अशरफ ने आईएएस एग्जाम पास करने के बाद कहा था कि, मुझे एकेडमी के बेहतर माहौल और अच्छी एजुकेशन ने आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा मेरा कहना उन लोगों से है जो अपने बच्चों को विदेश भेज देते है मजदूरी करने के लिए वह अपने बच्चों को बेहतर एजुकेशन दें और भारतीय सेवा में आने के लिए प्रोत्साहित करें। आपको बता दें कि, यह कहानी तो रही आज के माहौल को देखते हुए उस वायरल मोहम्मद अशरफ की। जो मस्जिद से पढ़कर आईएएस बन गया। लेकिन इसी कहानी को लेकर लोग सोशल मीडिया पर सवाल दाग रहे हैं। कोई कह रहा कि आप तो कहते थे कि मस्जिद और मदरसों में आतंकवादी पढ़ते हैं ? फिर मोहम्मद अशरफ जो आईएएस बना। वो क्या है ?

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