बुलेट ट्रैन के सपने बाद में देखए, पहले हादसों पर तो रोक लगायी जाए: गौतम गंभीर

नई दिल्ली: गंभीर ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि इन ‘हादसों पर ध्‍यान पहले दिया जाना चाहिए, बुलेट ट्रेन के सपने बाद में भी देखे जा सकते हैं।’ पिछले ढाई साल में करीब तीन दर्जन रेल हादसे हुए हैं।

पिछले साल दिसंबर में कानपुर में एक महीने के भीतर दो ट्रेन हादसों में 152 से ज्‍यादा लोगों की जान चली गई थी। 20 नवंबर को कानपुर देहात जिले में इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। वहीं कानपुर देहात जिले के रूरा रेलवे स्टेशन के पास 28 दिसंबर सुबह अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन (12987) के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए थे।

हादसे में दो लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। वहीं आंध्र प्रदेश में जगदलपुर-भुवनेश्वर एक्सप्रेस ट्रेन 21 जनवरी को रात 11 बजे पटरी से उतरी थी। हादसे में 37 से ज्यादा लोगों के मरने की खबर थी। इसके अलावा 100 के करीब लोग जख्मी हुए थे। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्‍ता में आने के बाद रेल हादसों की संख्‍या में बढ़ोत्‍तरी देखी गई है।