प्यारे नबी का फरमान है: क़यामत के दिन लोग इन तीन तरह से जमा किये जायेंगे…शेयर ज़रूर करिये

हज़रत अबु रजि० से रिवायत है कि आँहज़रत सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि कयामत के दिन लोग तीन किस्म से जमा किये जाएगे – 1. एक जमाअत पैदल, 2.दूसरी सवाल, 3.तीसरी वह होगी जो अपने चेहरो के बल चलेगे.

सवाल किया गया कि या रसूलुल्लाह वे लोग चेहरो के बल क्यों चलेगे ? जवाब में सय्यदे आलम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि बेशक जिस पाक ने उनको कदमो पर चलाया , वह इस पर कुदरत रखता है कि उनको चेहरो के बल चला दे. फिर फ़रमाया कि खबरदार वे (चेहरो के बल इस तरह चलेगे) कि जमीन के उभरे हुए हिस्से और काटो तक से अपने चेहरो के जरिये बचाव करेगे। – तिर्मिज़ी शरीफ

यह हाल काफिरो का होगा, चुकि इन नालायको ने दुनिया में अपने चेहरे को खुदा के हुजूर में रखने से मुह फेरा और घमंड की वजह से सज्दे में सर रखने से इन्कार किया, इसलिए कयामत के दिन उनके चेहरे से उनको पांव का काम दिलाया जाएगा ताकि खूब जलील हो और चेहरो के पैदा करने वाले और मालिक को सज्दा करने से जो इन्कार किया था, उसका मजा चख ले। अल्लाह तआला को सब कुछ कुदरत है, वह अपनी मख्लूक के जिस्म के हर हिस्से को उसकी हर खिदमत में इस्तेमाल फ़रमा सकते हैं। दुनिया ही में देख लिया जाए कि कुछ चीजे चार पैरो पर और कुछ दो पैरा पर चलती हैं और कुछ सिर्फ अपने पेट से (फमिन्हुम मय्यम शी अला बतिनही) वे लोग जिनके एक हाथ हैं, वे उसी एक हाथ से दोनों हाथो का काम कर लेते हैं, जो लोग अंधे होते हैं, उनकी सुनने और महसूस करने की ताकत अक्सर तेज होती है, जिनसे बड़ी हद तक आँख न होने की कभी दूर हो जाती है, कयामत के दिन अल्लाह तआला काफिरो को चेहरे के बल चलायेंगे, यह अक्ल के एतबार से जरा ही ना मुम्किन नहीं है।