धोनी ने खुद बताया कि कप्तानी क्यों छोड़ी,,,,पढ़ें

नई दिल्ली: वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए महेंद्र सिंह धोनी ने साफ कर दिया कि उन्होंने यह फैसला क्यों लिया है. धोनी ने साफ तौर से कहा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज में ही उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला ले लिया था.

वे बस उस समय इंतजार कर रहे थे कि विराट कोहली टेस्ट, वनडे और टी20 की कप्तानी संभालने के लिए परिपक्व हो जाएं. अब लगा कि विराट इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं तो उन्होंने कप्तानी छोड़ दी. पुणे के एमसीए स्टेडियम में धोनी ने कहा कि भारत में क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कप्तान काम नहीं करती. वे खुद भी इसके पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि विराट कोहली हमेशा से कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार थे, सही समय आने पर उन्हें ये जिम्मेदारी सौंप दी गई.

धोनी ने कहा कि क्रिकेट के फॉर्मेट के हिसाब से कप्तानों के होने से लोग तुलना करते रहते हैं. जबकि वर्तमान की टीम इंडिया खेल के सभी फॉर्मेट में मैच जीतने और नंबर वन बनने का दम रखती है. विराट टेस्ट की कप्तानी में पूरी तरीके से फिट हो गए हैं. वर्तमान की वनडे और टी20 टीम से भी उन्हें मैच जीतने में मुश्किल नहीं आएगी. पूर्व दिग्गज कप्तान धोनी ने कहा कि विराट एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो हमेशा खुद में सुधार लाते रहते हैं. टीम के लिए वे हमेशा अच्छा करने की कोशिश में रहते हैं. धोनी ने कहा कि अगर वे कोहली को 100 सलाह देते हैं और वे सभी मना कर देते हैं तो इसमें उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी. वे चाहते हैं कि टीम के ऐसा रिश्ता बना रहे जिसमें सीनियर खिलाड़ी सलाह तो दें, लेकिन कप्तान के तौर पर उसे मानने की बाध्यता या मजबूरी न हो.

धोनी ने कहा कि विकेट के पीछे खड़ेू होकर वे विराट को हमेशा सलाह देते रहेंगे. साथ ही ये भी कहा कि वे टीम के बाकी खिलाड़ियों की ताकत पहचानकर उन्हें बताता रहूंगा. साथ ही खिलाड़ियों को अपना बेस्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता रहूंगा. एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है कि मैं युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करूंं.

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