तस्लीमा नसरीन: भारत कैसा सेक्युलर देश है जहाँ इस्लाम के लिए बोलो तो फतवा होता है जारी, आप लोग क्या कहेंगे

नई दिल्ली: विवादित लेखिका तस्लीमा नसरीन का कहना है कि केवल सेक्‍युलर लोगों की हत्‍या होना इनटॉलरेंस नहीं, बल्कि सभी तरह के अपराध इस श्रेणी में आते हैं।उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध भी इनटॉलरेंस है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं पर अपराध के मुद्दे पर हिंदू, बौद्ध, सिख और ईसाई धर्म की आलोचना करती हैं तो कोई दिक्‍कत नहीं होती। मगर इस्‍लाम की आलोचना करते ही उन्‍हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगती हैं। इस दौरान उन्होंने भारत के सेकुलरवाद पर प्रश्न किया कि यह देश सेक्‍युलर है। सेक्‍युलरिज्‍म का मतलब यह है कि कि मुस्लिम कट्टरपंथी फतवा जारी कर सके? मगर मुस्लिम वोटों के लिए सेक्‍युलर लेखकों को देश से बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने कट्टरपंथी मुस्लिमों को संदेश दिया कि अगर वे मेरी बात को गलत मानते हैं तो इसके लिए तथ्‍य पेश करें। साथ ही कहा कि जो कोई भी इस्‍लाम की आलोचना करता है कट्टरपंथी उसे मारना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रवाद नहीं अभिव्‍यक्ति की आजादी में विश्वास करती हैं। उन्होंने माना कि वे धर्म के खिलाफ लिखती हैं।

इस दौरान उन्होंने खुद के खिलाफ सिर काटने का फतवा देने वाले मौलवी को ममता बनर्जी का करीबी बताया।