छुट्टी मानगो तो एक रात बिताने की शर्त रखी जाती है, महिला सिपाही ने किया खुलासा

नई दिल्ली: देश के जवानों को बड़े अफसरों द्वारा प्रताड़ित करने की खबरें सुर्खियों में हैं। आज हम एक ऐसा ही मामला आपको बताते हैं। देश में सुरक्षा कि बात आती है तो दिल्ली पुलिस का नाम सबसे पहले आता है। दिल्ली पुलिस महिलाओं पर होने वाले अत्याचार को लेकर कई लोगों को जागरुक करती है।

जब भी किसी महिला के साथ किसी तरह कि कोई भी घटना घटती है तो दिल्ली पुलिस उसी महिला की बात को पहले सामने रखती है। लेकिन जब बात खुद दिल्ली पुलिस में काम कर रही महिलाओं के साथ गलत व्यवहार कि तो आप किसको इसका जिम्मेदार ठहराएगें। जी हां, ताजा मामला दिल्ली पुलिस का ही है, जहां कम से कम 24 महिला पुलिसकर्मियों ने एक इंस्पेक्टर पर काम के दौरान उनका यौन शोषण करने का आरोप लगाया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचा दी है। आरोपी इंस्पेक्टर दिल्ली पुलिस के प्रोविजनिंग एंड लॉजिस्टिक यूनिट में तैनात है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो नई दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित विभाग में तैनात एक महिला कांस्टेबल ने करीब पांच महीने पहले अपने वरिष्ठ अधिकारियों से इंस्पेक्टर द्वारा यौन शोषण किए जाने की शिकायत की थी। उसकी शिकायत के अनुसार इंस्पेक्टर महिला कांस्टेबल से अकेले में मिलने को कहता था और जब उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो वो उसका शोषण करने लगा। पुलिस सूत्र के अनुसार इसके बाद दूसरी महिला पुलिसकर्मियों ने भी उस इंस्पेक्टर के बारे में ऐसी ही शिकायतें दर्ज करायीं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में दिल्ली के पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार वर्मा से इस साल अप्रैल में शिकायत की गई थी और उन्होंने शिकायत को यौन शोषण कमेटी के पास अग्रसारित कर दिया था। यौन शोषण कमेटी का प्रमुख ज्वाइंट कमिश्नर रैंक का अधिकारी होता है। सूत्रों के अनुसार शिकायत की जांच जारी है। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) में भी इस बारे में शिकायत दर्ज कराई गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिला सुरक्षा हमेशा ही एक चिंताजनक विषय रही है। आपको बता दें कि हाल ही में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी डाटा के अनुसार साल 2015 में दिल्ली में 1893 रेप के मामले और 4563 यौन हमले के मामले दर्ज किए गए थे

जिसके अनुसार दिल्ली महिलाओं के लिए देश के सबसे असुरक्षित शहरों में एक है। 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में चलती बस में एक महिला से सामूहिक बलात्कार और हत्या के बाद राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए थे। विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने महिलाओं के संग होने वाले अपराधों से निपटने के लिए कड़ा कानून भी बनाया गया। हालांकि आंकड़ों के अनुसार 16 दिसंबर के मामले और नया कानून बनने के बाद भी दिल्ली में महिलाओं के संग होने वाले अपराधों में कमी नहीं आई है। दिल्ली में फिलहाल आम आदमी पार्टी की सरकार है लेकिन केंद्रशासित प्रदेश होने के कारण दिल्ली पुलिस भारत के गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है। महिला सुरक्षा और पुलिस पर नियंत्रण को लेकर आप सरकार और केंद्र सरकार के बीच तकरार होती रही है।

Comments

comments