चांदनी चौक की गलियो से निकला राजीव भाटिया किस तरह से बना बॉलीवुड का सरताज…जानिए

इस शुक्रवार को रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्म ‘जॉली एल.एल. बी 2’ ने जोरदार कमाई की है. फिल्म ने पहले ही दिन 13 करोड़ रुपये कमा लिए हैं. इससे पहले अक्षय की फिल्म ‘रुस्तम’ भी पर्दे पर हिट साबित हुई थी.

फिल्म ने 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. आज अक्षय कुमार जिस मुकाम पर हैं उनके लिए यहां पहुंचना आसान नहीं था. हम आपको बताते हैं अक्षय की जिंदगी से जुड़ी कुछ बातें. चांदनी चौक की गलियों से बॉलीवुड की चमकती हुई दुनिया में अक्षय कैसे पहुंचने इसकी कहानी भी काफी दिलचस्प है. अक्षय का असली नाम राजीव भाटिया है. उनका जन्म पंजाब के अमृतसर में हुआ था, उनके पिता सरकारी नौकरी में थे. अक्षय का बचपन दिल्ली के चांदनी चौक की गलियों में बीता.

अक्षय को बचपन से ही स्पोटर्स का काफी शौक था, मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग के लिए अक्षय बैंकॉक गए और वहां उन्हें शेफ की नौकरी मिल गई. हालांकि उनका सपना था आर्मी में या नेवी में जाने का.एक्टिंग के बारे में तो अक्षय ने कभी सोचा भी नहीं था. अक्षय ने खाना बनाने से लेकर कार्ड बेचने तक का काम किया. अपनी जरूरत पूरी करने के लिए उन्होंने कई छोटे काम भी किए बैंकॉक से काम की तलाश में अक्षय को बांग्लादेश भी जाना पड़ा, वहां से कोलकाता जाकर अक्षय ने एक ट्रेवल एंजेसी में भी काम किया. कोलकाता से अक्षय मुंबई पहुंचे जहां वो कुंदन के गहने बेचने लगे.

मुंबई में अक्षय मशहूर फोटोग्राफर जयेश के पास गए और उनको अपना असिटेंट बनाने के लिए कहा. अक्षय जयेश की मदद के लिए लाइट उठाने तक का काम करने लगे. काम के दौरान वो गोविंदा की कुछ फोटोज उन्हें देने गए. उस वक्त गोविंदा अक्षय को देखकर कहा कि तू हीरो क्यों नहीं बनता, ये सुनकर अक्षय के दिल में ये बात घर कर गई कि वो भी हीरो बन सकते हैं. 1990 में अक्षय ने एक्टिंग का कोर्स भी किया, जिसके बाद उन्हें एक फिल्म का ऑफर मिला, जब फिल्म रिलीज हुई तो पता चला कि उनका रोल सिर्फ 7 सेकेंड का था. इस फिल्म के हीरो का नाम था ‘अक्षय’. उसी वक्त राजीव भाटिया यानी अक्षय ने अपना नाम बदलकर उस फिल्म के हीरो के नाम पर रख लिया, और इस तरह राजीव भाटिया अक्षय कुमार बन गए. अक्षय अपना पोर्टफोलियो लेकर हर स्टूडियो के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन मायूसी की हाथ लग रही थी, उन्हीं दिनों अक्षय की मुलाकात मेकअप मेन नरेंद्र से हुई. नरेंद्र ने जब अक्षय को देखा तो उनका पोर्टफोलियो लेकर एक निर्देशक के पास गए और उसी दिन अक्षय की किस्मत बदल गई.

अब्बास-मस्तान की फिल्म खिलाड़ी अक्षय की पहली सुपरहिट फिल्म थी. इस फिल्म के बाद अक्षय के करियर की गाड़ी चल पड़ी. उसके बाद मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, मोहरा, सबसे बड़ा खिलाड़ी, मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी, खिलाड़ियों का खिलाड़ी, ‘दिल तो पागल है’ जैसी कई हिट फिल्में आईं. 2000 में अक्षय ने ‘हेरा फेरी’ में एक्टिंग की. इस फिल्म से अक्षय की इमेज एक्शन और रोमाटिंक हीरो से अलग एक कॉमेडियन की भी बन गई. ‘हेरा फेरी’ की सफलता के बाद उन्होंने कई कॉमेडी फिल्में आवारा पागल दीवाना, मुझसे शादी करोगी, गरम मसाला की. गरम मसाला के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का अवॉर्ड फिल्मफेयर की तरफ से मिला. 2001 में अक्षय ने फिल्म अजनबी में निगेटिव किरदार निभाया, इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट विलेन का अवॉर्ड भी मिला. अक्षय कुमार का नाम कई हिरोइनों के साथ भी जुड़ा. रवीना टंडन और शिल्पा शेट्ठी के साथ रिश्तों को लेकर कई खबरें उस दौर के अखबारों और फिल्मी पत्रिकाओं की सुर्खियां बनीं. और आखिर में 2001 में अक्षय ने अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना से शादी कर ली.

अक्षय कुमार के दो बच्चे हैं. एक बेटा और एक बेटी. बड़े बेटे का नाम आरव कुमार है और बेटी का नाम है नितारा कुमार.

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