गोवर्धन पर्व, शुभ मुहूर्त और क्या है पूजा की विधि….जानिए

गोवर्धन पर्व, शुभ मुहूर्त और क्या है पूजा की विधि….जानिए

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने देवता इंद्र के घमंड को तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था। कथा के अनुसार अपनी गलती का एहसास होने पर देवता इंद्र ने श्री कृष्ण से माफी मांगी थी।

आज के दिन शाम के समय एक विशेष पूजा की जाती है। गाय के गोबर से गोवर्धन की प्रतिमा को तैयार कर शाम के समय इसकी पूजा की जाती है। महिलाएं थाली में रुई की माला, चना, घरिया, मिठाई, लाई धतूरा आदि पूजा संबंधी सामग्री लेकर यहां गोवर्धन गीत गाती हैं, फिर पूजा की परंपरा का निर्वहन करती हैं। गोवर्धन में ओंगा यानि अपामार्ग की डालियां जरूर रखी जाती हैं। गोवर्धन पर चढ़ाई जाने वाली मिठाई केवल लड़के ही खा सकते हैं, ऐसी मान्यता है। इस दिन दुकानों और औजारों की पूजा भी की जाती है। जिन लोगों का लोहे का काम होता है वो खासकर इस दिन अपने औजारों की पूजा करते हैं। आज के दिन वह औजारों से कोई काम नहीं करते हैं।

पूजा मुहूर्त-
सुबह का मुहूर्त- सुबह 06:28 बजे से 08:43 बजे तक
शाम का मुहूर्त – 03:27 बजे से सायं 05:42 बजे तक
प्रतिपदा – रात 00:41 बजे से शुरू (20 अक्टूबर 2017)
प्रतिपदा तिथि समाप्त – रात्रि 1:37 बजे तक (21 अक्तूबर 2017)

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