क्या है हज सब्सिडी, मुस्लिम के लिए लॉलीपॉप या कुछ ओर….क्या है आपकी राय

केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने हज यात्रियों को दी जाने वाली सब्सिडी को लेकर समिति बनाई है. ये समिति पता लगाएगी कि हज यात्रियों को दी जाने वाली सब्सिडी व्यावहारिक और असरदार है या नहीं? इस फैसले के बाद हज सब्सिडी को ख़त्म करने की चर्चा हो रही है.

मजलिस एत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने कहा, “हज सब्सिडी हटा दीजिए और मुस्लिम लड़कियों की पढ़ाई के लिए खर्च कीजिए.” गीतकार जावेद अख्तर ने ट्वीट किया, ”आखिरकार सरकार ने हज सब्सिडी को लेकर कमिटी बनाई है. सब्सिडी को पहले ही ख़त्म कर दिया जाना चाहिए था.” हज सब्सिडी को खत्म करने की चर्चा के बीच बीबीसी हिंदी ने लोगों की राय जानी. इस मुद्दे पर बीबीसी संवाददाता सलमानी रावी ने दिल्ली के जामा मस्जिद के पास लोगों से बात की.

फेसुबक लाइव: जामा मस्जिद के लोगों की राय, पढ़िए किसने क्या कहा?

हाफिज़ ने कहा, ”हर किस्म का आदमी है. अगर सरकार अपनी तरफ से सब्सिडी दे रही है तो इससे हाजियों को सहूलियत हो रही है. लेना या न लेना सब्सिडी लेने वाले की मर्जी पर होना चाहिए. सरकार अगर सब्सिडी देना चाह रही है तो दे, वरना न दे.”

ताबू भाई ने कहा, ”सब्सिडी का पैसा किसी गरीब मुसलमान की मदद में इस्तेमाल हो. जो आदमी हज करने जाता है वो क्यों सरकार का ब्याज का पैसा सब्सिडी में लेकर अपना हज ख़राब करेगा?”

हज कर चुके एक शख़्स ने कहा, ”इस सब्सिडी का फ़ायदा हज करने वालों से ज़्यादा एयरलाइन्स वालों को हो रहा है.”

बिलाल ने कहा, ”आम मुसलमान के लिए ये सिर्फ एक लॉली पॉप है. जो ढाई-तीन लाख रुपये खर्च कर रहा है, उसे दो चार पांच हजार रुपये की लॉली पॉप लेकर कोई फायदा नहीं है. उसे सब्सिडी नहीं चाहिए.”

अतीकउद्दीन ने कहा, ”इस्लाम ये साफ कहता है कि जिस पर पैसे नहीं हैं, उसके लिए ये जरूरी नहीं है कि वो हज करे. इस्लाम ने कभी किसी तरह का किसी पर बोझ नहीं रखा. सब्सिडी से बचा पैसा ग़ैर-मुस्लिमों के भले के लिए भी खर्च किया जाए. हजारों लोग आज भूखे और बेघर हैं, उनकी मदद के लिए पहुंचाया जाए.”

मोहम्मद फरीस ज़ाकिर ने लिखा, ”ये रक़म मुस्लिम तबके के कल्याण के लिए खर्च की जाए तो बेहतर है. मुस्लिम हज सब्सिडी नहीं चाहते.”

समीर शेख़ ने लिखा, ”हज सब्सिडी ख़त्म होनी चाहिए. ये पैसा विकास के लिए लगाना चाहिए. जिनको हज जाना है वो बिना सब्सिडी के चले जाते हैं.”

राहुल रे ने लिखा, ”इसे मुहिम की तरह चलाना चाहिए. जो काबिल हैं, उसे अपने आप छोड़ देना चाहिए.”