एटा: स्कूली बस और ट्रक की टक्‍कर में 25 बच्‍चों की मौत, 30 से अधिक ज़ख़्मी

एटा: अलीगंज के असदपुर गांव के पास एक स्कूली बस और ट्रक की टक्‍कर में 25 बच्‍चों की मौत हो गई। 30 से ज्‍यादा बच्‍चे जख्मी हुए हैं। बस जेएस पब्लिक स्कूल की थी। इसमें 61 बच्चे सवार थे।
बच्चों की उम्र 4 से 11 साल दरमियान है। बताया जा रहा है कि छुट्टी के ऑर्डर के बाद भी स्‍कूल खुला था। हादसे की वजह कोहरा बताया जा रहा है। डीएम ने स्कूल पर केस दर्ज करने के आदेश दिए और मान्यता रद्द कर दी है। इस हादसे पर नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने दुख जताया है। मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है। इस बस में एलकेजी से लेकर सातवीं तक के बच्चे सवार थे। मौके पर डीएम शंभूनाथ समेत कई अफसर पहुंचे। डीजीपी जाविद अहमद ने ट्वीट कर कहा है कि एटा में सड़‍क हादसा हुआ है। रेस्‍क्‍यू का काम जारी है। ट्रक का ड्राइवर भी बुरी तरह जख्मी हुआ है।
मौके पर मौजूद लोगों ने कहा, `बस ड्राइवर की लापरवाही की वजह से हादसा हुआ। डीएम के आदेश का उल्‍लंंघन किया गया। अगर ऐसा नहीं होता तो बच्‍चों की जान न जाती।`हादसे की वजह कोहरा डीएम शंभूनाथ ने बताया- " हादसे की वजह कोहरा हो सकता है। क्योंकि सुबह इस इलाके में विजिबिलिटी काफी कम थी।" 18 से 21 तक छुट्टियां घोषित की गई थीं। जिम्‍मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" डीएम ने स्कूल पर केस दर्ज करने के आदेश दिए और मान्यता रद्द कर दी। मोदी ने हादसे पर दुख जताया प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मैं ईश्वर से घायल बच्चों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।" होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा- "इस हादसे से मैं दुखी हूं। पीड़ित परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। जख्मी बच्चों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।
स्कूल बसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस स्कूल बस की स्पीड हमेशा मेंटेन रखी जाए। इसके लिए स्कूल मैनेजमेंट इसका ख्याल रखे। बस पर स्कूल डयूटी लिखा होना चाहिए। बस के आगे-पीछे स्कूल बस लिखा होना चाहिए। स्कूल पर ग्रिल होना जरूरी है। बस में फर्स्ट-एड बॉक्स होना चाहिए। बस पर स्कूल का नाम और फोन नंबर लिखा हो। बस में एक स्कूल का सहायक भी मौजूद हो।