ईमानदारी का परिणाम: पुलिस अधीक्षक का तबादला सिर्फ इसलिए हुआ, कालाधन मामले में मंत्रियो तक पहुँच गए थे हाथ

भोपाल: एक्सिस बैंक समेत कई बैंकों में फर्जी खातों से 500 करोड़ रुपए के हवाला लेन-देन की जांच कर रहे कटनी के पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी को हटा दिया गया है। उनकी जगह मुख्यमंत्री सुरक्षा में लंबे समय तक एसपी रहे (वर्तमान देवास एसपी) शशिकांत शुक्ला को कटनी का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।

तिवारी का ट्रांसफर छिंदवाड़ा एसपी के पद पर किया गया है। उनका कटनी में सिर्फ छह माह का ही कार्यकाल रहा। सरकार ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। छिंदवाड़ा, कटनी और देवास के एसपी बदले गए हैं। करीब एक दर्जन अफसरों की भी नई पोस्टिंग की गई है। तिवारी ने इस हवाला कारोबार की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया था। 4 जनवरी को एसआईटी की जांच में घोटाले के सबसे बड़े सूत्रधार सरावगी बंधुओं के नाम सामने आए थे। इनके चार नौकरों के नाम से कई बोगस कंपनियां बनाई गईं थीं। इन बोगस कंपनियों के खातों से करीब 100 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन की बातें सामने आ चुकी हैं।

लकड़ी माफिया के खिलाफ जंग छेड़ी थी:
6 जनवरी तक सरावगी के दो नौकर संदीप बर्मन और संजय तिवारी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पूछताछ में सरावगी के राज्य सरकार में मंत्री संजय पाठक के रिश्तेदारों से नजदीकियों की बात बताई थी। सरावगी इसके बाद फरार बताए जा रहे हैं। उनके यहां से एक मिनी ट्रक भरकर दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इससे पहले भी तिवारी ने बालाघाट एसपी रहते हुए लकड़ी माफिया के खिलाफ जंग छेड़ी थी, जिसमें वहां के तत्कालीन कलेक्टर वी किरण गोपाल पर भी आरोप लगे थे। इसके बाद किरण गोपाल को सरकार ने बालाघाट कलेक्टर पद से हटा दिया गया था। कुछ समय बाद ही तेजतर्रार अफसर गौरव तिवारी का ट्रांसफर कर कटनी एसपी बनाया गया था।

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