इस शख्स ने माँ-बाप का क़त्ल कर बगीचे में दफनाया, साथ ही प्रेमिका को मार अपने ही घर के अंदर चबूतरा बनाकर दफनाया

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के आकांक्षा मर्डर मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी और आकांक्षा के लिव इन पार्टनर उदयन दास ने पुलिस को बयान दिया है कि वह सात साल पहले रायपुर में अपने माता-पिता की हत्या कर उन्हें बगीचे में दफन कर चुका है.

भोपाल एसपी (साउथ) सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि आरोपी उदयन दास से उसके माता-पिता के बारे में काफी पूछताछ की गई. शुरूआत में उसने दोनों के बारे में कुछ नहीं बताया. लगातार पूछताछ के बाद वह टूट गया और उसने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वर्ष 2010 में ही माता-पिता की हत्या करने की बात कबूली है. उदयन के इस बयान के बाद अब भोपाल पुलिस और पश्चिम बंगाल के बांकुरा पुलिस की टीमें बयान की तस्दीक के लिए उसे रायपुर लेकर जाएगी.

पहले बोला था-अमेरिका में हैं मां
उदयन ने शुरूआती पूछताछ में बताया कि उसकी मां इंद्राणी दास रायपुर से डीएसपी के पद से रिटायर्ड हुई थी, जबकि पिता भेल से रिटायर्ड अधिकारी थे. पिता की रायपुर में फैक्टरी थी, लेकिन उनकी मौत हो चुकी है. मां फिलहाल अमेरिका में हैं. हालांकि, मां के बारे में उसने ज्यादा जानकारी नहीं दी थी.

क्या है पूरा मामला
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक युवक ने अपने साथ लिव-इन-रिलेशन में रह रही अपनी प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसके शव को अपने ही घर के अंदर मार्बल का चबूतरा बनाकर दफना दिया. इस महिला से आरोपी ने सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती की थी.

मोहब्बत में धोखे की दर्दनाक दास्तां
गोविन्दपुरा नगर पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र मिश्रा ने बताया, ‘‘आरोपी उदयन दास (32) को आकांक्षा शर्मा (28) की कथित रूप से हत्या करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है. आकांक्षा ने अपने माता-पिता से कहा था कि वह अमेरिका में रह रही है, लेकिन जब उनका अपनी लड़की से पिछले साल दिसंबर से फोन पर बातचीत नहीं हुई, तो उन्हें संदेह होने लगा था.’’
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के बांकुरा शहर की रहने वाली इस लड़की के शव को छह घंटे की मशक्कत के बाद सीमेंट एवं कंक्रीट से आरोपी उदयन के घर में बने चबूतरे को तोड़कर निकाला गया.

खुद को आईआईटीयन बताने वाला आरोपी 12वीं तक पढ़ा
आरोपी खुद को आईआईटीयन बताता है तो कभी आईबी अफसर के रूप में अपना परिचय देता था. आकांक्षा से उसने इंडियन फॉरेन सर्विसेस के अधिकारी बनकर दोस्ती की थी. हालांकि, पुलिस की जांच में उसके सारे दावे झूठे साबित हुए. वह महज 12वीं तक पढ़ा है, लेकिन खुद के बारे में उसने फेसबुक पर बढ़ा-चढ़ाकर लिखा हुआ था.
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है फेसबुक पर खुद को वह अमेरिकी नागरिक बताता था. फेसबुक पर वह कभी बराक ओबाम के साथ सुबह की मीटिंग तो कभी शाम को ट्रम्प के साथ डिनर करने का अपडेट करता था.

loading...

Comments

comments